पुरुष में होने वाले बांझपन के बारे में:
पुरुष बांझपन या जनन-अक्षमता का तात्पर्य है कि पुरुष द्वारा अंडे को निषेचित करने या सफल गर्भधारण के योगदान देने में असमर्थता का होना। दुनिया भर के तमाम सर्वेक्षणों और आंकड़ों के अनुसार, यह पाया गया कि 15% वैवाहिक जोड़े बांझपन का अनुभव करते हैं। इस स्थिति में, पुरुष कारक इस बांझपन के 30-40% मामलों में योगदान करते हैं। यह सच है कि 7% पुरुषों में प्रजनन संबंधी समस्याएं होती हैं। कारण चाहे जो भी हो, यह हमारे समाज के लिए एक अभिशाप से कम नहीं है। पुरुष और महिला दोनों को इस समस्या से जूझना पड़ता है। समस्या चाहे पुरुष में हो या महिला में, यह वैवाहिक जीवन के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।
विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य व सेक्सोलोजी विज्ञान के विशेषज्ञ डॉ. सुनील दुबे, जो कि पटना में सर्वश्रेष्ठ आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट भी हैं, कहते हैं कि पुरुषों में बांझपन के कई जोखिम कारक होते हैं। सबसे आम जोखिम कारक उम्र (35 वर्ष से ऊपर), बांझपन का पारिवारिक इतिहास, पिछली प्रजनन समस्याएं, मधुमेह, कैंसर, जीवनशैली कारक (धूम्रपान, अत्यधिक गर्मी) हैं। ये सभी कारक पुरुषों में बांझपन की संभावना को बढ़ाते हैं। हमारे सीनियर सेक्सोलॉजिस्ट क्लिनिकल सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर के रूप में एक लंबे समय से आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी चिकित्सा के विशेषज्ञ रहे हैं। उन्होंने पुरुषों के समस्त गुप्त व यौन रोग पर अपना शोध किया है और अपने शोध के पांच वर्षों के बाद, उन्होंने उनके लिए सबसे प्रभावी आयुर्वेदिक चिकित्सा व उपचार की सफलतापूर्वक खोज की है।
पुरुषों में होने वाले बांझपन के सामान्य कारण:
अपने दैनिक अभ्यास, शोध, अध्ययन, अनुभव और रोगियों की समस्याओं के आधार पर, वे बताते हैं कि ऐसे कई कारण हैं जो पुरुषों को बांझपन की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आइए पुरुष में होने वाले इस बांझपन के संभावित कारणों को जानते है।
- शुक्राणुओं की कम संख्या (ओलिगोस्पर्मिया): 15 मिलियन/एमएल से कम होने पर।
- शुक्राणुओं की खराब गतिशीलता (एस्थेनोस्पर्मिया): 32% से कम होने पर।
- असामान्य शुक्राणु आकृति विज्ञान (टेराटोस्पर्मिया): 4% से कम होने पर।
- कम टेस्टोस्टेरोन स्तर (हार्मोन असंतुलन) के होने पर।
- रुकावट या अवरोध (नसबंदी) होने के कारण।
- स्तंभन दोष (ईडी) होने के कारण।
- शीघ्रपतन (पीई) होने के कारण।
- आनुवंशिक विकार (क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम) होने पर।
- संक्रमण (ऑर्काइटिस और एपिडीडिमाइटिस) के कारण।
- प्रजनन अंगों में आघात या चोट के कारण।
डॉ. सुनील दुबे जो पुरे बिहार में सीनियर सेक्सोलॉजिस्ट है, बताते हैं कि मुख्य रूप से उम्र बढ़ना, धूम्रपान, तनाव, व्यायाम की कमी, मधुमेह, कैंसर, पर्यावरणीय कारक और आनुवंशिक विकार पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं। उनका कहना है कि पुरुषों में बांझपन के लक्षणों को जानने से समस्या को समझने और किसी अनुभवी यौन स्वास्थ्य सेवा इकाई या डॉक्टर से व्यक्तिगत मार्गदर्शन और उपचार प्राप्त करने में मदद मिलती है।
- गर्भधारण करने में कठिनाई होना।
- शुक्राणुओं की कम संख्या होना।
- स्तंभन दोष का होना।
- दर्दनाक स्खलन का होना।
- अंडकोष में सूजन या गांठ का होना।
पुरुषों में बांझपन से बचाव हेतु:
डॉ. सुनील दुबे का कहना हैं कि स्वास्थ्य में सुधार और जीवनशैली में बदलाव हमेशा अच्छे यौन स्वास्थ्य को बनाए रखने में मददगार साबित होते हैं। जो व्यक्ति बांझपन या किसी भी अन्य गुप्त व यौन समस्या से बचना चाहता है, तो उसे निम्नलिखित सुझावों का पालन करना चाहिए, इससे उन्हें अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद मिलेगी।
- स्वस्थ जीवनशैली की आदतें को अपनाना।
- अत्यधिक गर्मी से बचना।
- तनाव और चिंता को प्रबंधित करना।
- नियमित जांच व स्वयं के प्रति जागरूकता।
- यौन संचारित रोगों के खिलाफ टीकाकरण करवाना।
पुरुषों में होने वाले बांझपन के लिए निदान और उपचार:
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि निदान हमेशा मेडिकल केस इतिहास, शारीरिक परीक्षण, वीर्य विश्लेषण, हार्मोन स्तर परीक्षण और इमेजिंग (अल्ट्रा साउंड) अध्ययनों पर आधारित होता है। डॉ. सुनील दुबे भारत के सीनियर आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर हैं जो सभी प्रकार के गुप्त व यौन रोगियों को अपना व्यापक उपचार और उपचार प्रदान करते हैं। वह इस बांझपन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए जड़ी-बूटियाँ, प्रभावी भस्म, प्राकृतिक रसायन, हार्मोनल थेरेपी, एंटी-चिंता थेरेपी और आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
उनका उपचार और दवा की प्रक्रिया प्राकृतिक तरीके पर आधारित है जहाँ सभी गुप्त व यौन रोगियों को पूर्णकालिक आयुर्वेदिक चिकित्सा व उपचार सहायता मिलती है। उनका कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति के जीवन में यौन समस्या नहीं है, बल्कि यह एक जोड़े के जीवन में एक भावनात्मक घाव भी है। वह जोड़ों को परामर्श, मनोवैज्ञानिक सहायता और यौन चिकित्सा भी प्रदान करते हैं।
बांझपन की स्थिति में क्लिनिकल सेक्सोलॉजिस्ट से कब सलाह लेनी चाहिए: -
- एक साल के बाद गर्भधारण करने में कठिनाई
- पिछले प्रजनन संबंधी मुद्दे
- असामान्य वीर्य विश्लेषण
- स्तंभन दोष (नपुंसकता)
- दर्दनाक स्खलन विकार
याद रखें: पुरुष में होने वाला बांझपन एक आम गुप्त व यौन समस्या है, और चिकित्सा सहायता लेने से अंतर्निहित कारणों का पता लगाने और प्रजनन क्षमता की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
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