पुरुषों में होने वाले विलंबित स्खलन के बारे में संक्षिप्त जानकारी:
विलंबित स्खलन (डीई) एक प्रकार का पुरुषो में होने वाला गुप्त व यौन रोग है, विशेष रूप से स्खलन विकार से सम्बंधित है, जिसमें स्खलन प्राप्त करने में कठिनाई, स्खलन में अपेक्षित समय से अधिक समय का लगना और संभोग के दौरान स्खलन न कर पाना शामिल है। आकड़ो के अनुसार, 8-12% भारतीय पुरुष अलग-अलग उम्र में इस विलंबित स्खलन गुप्त व यौन समस्या का अनुभव करते हैं। वास्तव में, यह गुप्त व यौन समस्या 35 वर्ष की आयु के बाद पुरुषों में अधिक देखने को मिलती है।
हमारे विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य और समाजसेवी डॉ. सुनील दुबे जो कि आयुर्वेद चिकित्सा अनुसंधान और सेक्सोलॉजी चिकित्सा विज्ञान के विशेषज्ञ हैं, उन्होंने पुरुषों और महिलाओं के विभिन्न गुप्त व यौन रोगों पर अपना शोध किया है। उन्होंने पुरुषों में होने वाली इस विलंबित स्खलन विकार सबंधी गुप्त व यौन समस्या पर भी शोध किया है और उसके बाद उन्होंने इस प्रकार के गुप्त रोगियों के लिए सबसे कारगर आयुर्वेदिक चिकित्सा व उपचार की खोज भी की है। डॉ. सुनील दुबे, जो पटना के बेस्ट सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर में शीर्ष स्थान पर हैं, बताते हैं कि इस तरह की गुप्त व यौन समस्या होने के लिए कई कारक जिम्मेदार हैं, जैसे कि यौन ज्ञान की कमी या निम्न स्तर, निम्न सामाजिक-आर्थिक स्थिति, यौन स्वास्थ्य देखभाल के बारे में अज्ञानता और शहरी और ग्रामीण विभाजन। सामान्य रूप से, आयुर्वेद की भाषा में कहे तो वात, पित्त, और कफ़ का अंसन्तुलन होने पर शारीरिक व यौन क्रिया में गड़बड़ी होती है।
विलंबित स्खलन (डीई) के कारण:
डॉ. सुनील दुबे कहते हैं कि पुरुषो में विलंबित स्खलन गुप्त व यौन विकार होने के कई कारण हैं जैसे कि मनोवैज्ञानिक मुद्दा, न्यूरोलॉजिकल की समस्या, हार्मोनल असंतुलन, चिकित्सा सम्बन्धी समस्या और अनियमित जीवनशैली। सभी कारणों को विस्तार से जानने से व्यक्ति को उपचार और दवा लेने में मदद मिलती है और वह इस समस्या से बच सकता है।
- मनोवैज्ञानिक कारक: चिंता, अवसाद, तनाव, आघात और रिश्ते संबंधी समस्याएं।
- न्यूरोलॉजिकल विकार: रीढ़ की हड्डी में चोट, मल्टीपल स्केलेरोसिस और मधुमेह।
- हार्मोनल असंतुलन: कम टेस्टोस्टेरोन और थायरॉयड विकार।
- दवा: एंटीडिप्रेसेंट, एंटीसाइकोटिक्स और रक्तचाप की दवाएं।
- जीवनशैली कारक: धूम्रपान, अधिक शराब का सेवन, मोटापा और गतिहीन जीवनशैली।
डॉ. सुनील दुबे जो कि बिहार के सर्वश्रेष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट है कहते हैं कि चूंकि यह गुप्त व यौन समस्या 18 वर्ष से लेकर 55 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों को प्रभावित करती है, इसलिए इस समस्या के लिए स्वयं की देखभाल और एहतियात बहुत आवश्यक है। इस गुप्त व यौन समस्या के कारण पुरुषो में बांझपन और प्रजनन प्रणाली के नुकसान की संभावना रहती है और व्यक्ति के यौन और पारिवारिक जीवन भी प्रभावित होती है। इसलिए, हर व्यक्ति को विलंबित स्खलन यौन समस्या के लक्षणों के बारे में हमेशा जागरूक रहना चाहिए। यह व्यक्ति को व्यक्तिगत मार्गदर्शन, उपचार, दवा और सहायता के लिए एक नैदानिक आयुर्वेदिक सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर से मिलने में भी मदद करता है।
पुरुषों में विलंबित स्खलन के लक्षण निम्नलिखित है:
- स्खलन प्राप्त करने में कठिनाई होना।
- विलंबित या अनुपस्थित संभोग सुख।
- कम वीर्य की मात्रा का उपस्थित होना।
- दर्दनाक स्खलन का होना।
- भावनात्मक संकट का होना।
- कामेच्छा में कमी का होना।
- स्खलन में लगने वाले समय में वृद्धि का होना।
विलंबित स्खलन रोगी के लिए निदान और आयुर्वेदिक चिकित्सा-उपचार:
निदान चिकित्सा मामले में, रोगी का ऐतिहासिक पृष्ट्भूमि, शारीरिक परिक्षण, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, हार्मोन स्तर का परीक्षण और वीर्य का विश्लेषण शामिल है। उसके बाद, एक अनुभवी नैदानिक सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर द्वारा उपचार प्रक्रिया शुरू की जाती है। डॉ. सुनील दुबे सभी प्रकार के गुप्त व यौन रोगियों को अपना संपूर्ण आयुर्वेदिक चिकित्सा-उपचार प्रदान करते हैं। अपने उपचार में, वे आयुर्वेदिक दवाइयाँ, प्रभावी भस्म, संज्ञानात्मक-व्यवहार चिकित्सा, यौन परामर्श, युगल चिकित्सा, जीवनशैली में बदलाव (व्यायाम, तनाव प्रबंधन तकनीक, स्वस्थ आहार और धूम्रपान बंद करना) के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
उनका कहना है कि आयुर्वेद हमारे देश की पारंपरिक प्राकृतिक चिकित्सा-उपचार प्रणाली है और यह किसी भी गुप्त व यौन समस्या को पूर्णकालिक प्रभावी समाधान प्रदान करता है। सबसे बड़ी बात, यह है कि आयुर्वेदिक चिकित्सा-उपचार का शरीर पर किसी भी तरह का दुष्प्रभाव होने की संभवना नहीं होती जिससे किडनी, मस्तिष्क, व हृदय पर कोई बुरा प्रभाव पड़ता है। कोई भी रोगी आयुर्वेदिक चिकित्सा-उपचार के माध्यम से अपने गुप्त व यौन रोग में सुधार कर सकता है। जिनसेंग, मैका, एल-आर्जिनिन, जिंक सप्लीमेंट्स और अश्वगंधा जैसे कुछ प्राकृतिक उपचार हैं जो सभी यौन समस्याओं से उबरने में सहायक होते हैं।
दुबे क्लिनिक के साथ अपॉइंटमेंट बुक करें:
अपने दैनिक अभ्यास, शोध, अनुभव और रोगी के व्यवहार के आधार पर डॉ. सुनील दुबे कहते हैं कि विलंबित स्खलन के तीन प्रकार हैं जैसे आजीवन डीई, अधिग्रहित डीई और स्थितिजन्य डीई। इस सभी गुप्त व यौन विकार के प्रकार के अनुसार वे रोगी का इलाज करते हैं।
यदि आप किसी भी प्रकार की विलंबित स्खलन संबंधी यौन समस्या का सामना कर रहे हैं, तो व्यक्तिगत आयुर्वेदिक उपचार, दवा, मार्गदर्शन और सहायता के लिए डॉ. सुनील दुबे से परामर्श लें। दुबे क्लिनिक के साथ अपॉइंटमेंट लें जहाँ वे यौन रोगियों को अपनी व्यापक सेवा और सुविधाएँ प्रदान करते हैं। प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक फ़ोन पर अपॉइंटमेंट उपलब्ध हैं। अब तक भारत के साढ़े सात लाख से अधिक गुप्त व यौन रोगी दुबे क्लिनिक के आयुर्वेदिक चिकित्सा-उपचार से ठीक हो चुके है।
शुभकामनाओं के साथ
दुबे क्लिनिक
भारत का एक प्रमाणित आयुर्वेद और सेक्सोलॉजी क्लिनिक
डॉ. सुनील दुबे, वरिष्ठ सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर
बी.ए.एम.एस. (रांची) | एम.आर.एस.एच (लंदन) | आयुर्वेद में पी.एच.डी. (यू.एस.ए.)
हेल्पलाइन नंबर: +91 98350 92586
स्थान: दुबे मार्केट, लंगर टोली, चौराहा, पटना-04



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